कॉकरोच जनता पार्टी के तीन बड़े चेहरे
- दिल्ली में घमासान जारी रहा…
- एक तरफ मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग
- दूसरी तरफ सड़कों पर रही भारी सुरक्षा
- हिरासत में लिए गए प्रदर्शनकारी रिहा हुए
कॉकरोच जनता पार्टी के तीन बड़े चेहरे! अभिजीत दीपके, सौरव दास और आशुतोष रांका की रिहाई …..
अब सवाल है—क्या विरोध की आग और भड़केगी, या पुलिस की सख्ती आंदोलन की रफ्तार रोक देगी ? दरअसल, शनिवार को दिल्ली में CJP के प्रदर्शन से पहले पुलिस ने तीनों नेताओं को एयरपोर्ट पर ही हिरासत में ले लिया था। करीब 23 घंटे तक हिरासत में रखने के बाद रविवार सुबह तीनों को दिल्ली कैंट पुलिस स्टेशन में एग्जीक्यूटिव मजिस्ट्रेट के सामने पेश किया गया। यहां एक साल तक शांति बनाए रखने और अच्छे व्यवहार की शर्त पर उन्हें रिहा कर दिया गया।
दिल्ली पुलिस के मुताबिक, तीनों ने 50 हजार रुपये का बेल बॉन्ड भी भरा । लेकिन कहानी यहीं खत्म नहीं होती! रिहाई के बाद तीनों नेताओं ने मीडिया के सामने कोई बयान नहीं दिया । वहीं CJP ने सोशल मीडिया पर तंज कसते हुए लिखा—‘कॉकरोच कभी नहीं मरते!’ पार्टी ने दोपहर दो बजे प्रेस कॉन्फ्रेंस का ऐलान भी किया । अब देखना होगा कि इस प्रेस कॉन्फ्रेंस में पार्टी पुलिस की कार्रवाई पर क्या रुख अपनाती है ।
प्रदर्शन का ऐलान
उधर, CJP ने लगातार दूसरे दिन जंतर-मंतर पर प्रदर्शन का ऐलान किया है। पार्टी मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग पर अड़ी हुई है । शनिवार को प्रदर्शन के दौरान पुलिस ने बड़ी संख्या में समर्थकों को रास्ते में रोका और हिरासत में लिया । अब सवाल है कि रविवार को प्रदर्शनकारियों का जमावड़ा कितना बड़ा होगा और पुलिस उन्हें कहां तक जाने देगी ?
CJP पार्टी के तीन नेताओं अभिजीत दीपके, सौरव दास और आशुतोष रांका की रिहाई चर्चा में
सुरक्षा व्यवस्था भी चर्चा
वहीं, दिल्ली की सुरक्षा व्यवस्था भी चर्चा में है । मेट्रो स्टेशनों पर प्रतिबंध, रेलवे सेवाओं में व्यवधान और चप्पे-चप्पे पर पुलिस की तैनाती ने राजधानी के हालात को बेहद संवेदनशील बना दिया है । सुरक्षा के मद्देनजर पुलिस और अर्धसैनिक बलों की तैनाती बढ़ाई गई है । संवेदनशील इलाकों, रेलवे स्टेशनों, मेट्रो परिसरों और बॉर्डर क्षेत्रों में निगरानी रखी जा रही है । प्रदर्शन को लेकर दर्ज FIR और हिरासत की कार्रवाई भी अब चर्चा का विषय है ।
दो बजे प्रेस कॉन्फ्रेंस
फिलहाल, दिल्ली में टकराव के तीन बड़े मोर्चे हैं—CJP का विरोध, पुलिस की सख्ती और सार्वजनिक परिवहन पर पड़ रहा असर । अब सबकी नजर दोपहर दो बजे होने वाली प्रेस कॉन्फ्रेंस पर है । क्या CJP अपनी अगली रणनीति का खुलासा करेगी ? क्या प्रदर्शन को लेकर पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच फिर टकराव होगा ? और सबसे बड़ा सवाल—क्या इस्तीफे की मांग पर कोई राजनीतिक या संस्थागत प्रतिक्रिया सामने आएगी ?

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