नेपाल में फिर कुदरत का कहर !

Date:

बूढ़ी गंडकी नदी में भीषण बाढ़

नेपाल से बड़ी खबर सामने आयी है जहा कुदरत का कहर थमने का नाम नहीं ले रहा है l गौरतलब है की नेपाल के गोरखा जिले में रविवार सुबह बूढ़ी गंडकी नदी में अचानक बाढ़ आ गई……….. बाढ़ से कई घर और पुल बह गए, जबकि चार लोग लापता बताये जा रहे हैं l हांलाकि उनकी तलाश की जा रही है, इसके साथ ही मिली जानकारी के मुताबिक बाढ़ में 341 मेगावाट की बूढ़ी गंडकी जलविद्युत परियोजना का निर्माण कैंप और कुछ उपकरण भी बह गए।

बूढ़ी गंडकी नदी में भीषण बाढ़

इतना पानी कहां से आया?

सुबह करीब चार बजे बाढ़ का पानी गांवों में घुस गया, जिसके बाद लोगों को घर छोड़कर सुरक्षित जगहों पर जाना पड़ा,…शुरुआती जानकारी के मुताबिक, पहाड़ में भूस्खलन से नदी का रास्ता बंद हो गया था……… इससे पानी जमा हो गया और फिर अचानक तेज बहाव के साथ नीचे आया, जिससे कई गांवों में भारी नुकसान हुआ। इस प्राकृतिक आपदा से चुमानुम्ब्री और धार्चे ग्रामीण नगरपालिका के कई इलाकों में नुकसान की खबर है। न्याकचेत और सिर्दिबास को जोड़ने वाला पुल भी बाढ़ की चपेट में आ गया है, शुरुआती रिपोर्टों में 35 से अधिक मकानों के बहने की जानकारी सामने आई है। हालांकि, नुकसान का पूरा आकलन अभी नहीं हुआ है। अब सवाल है कि आखिर पहाड़ी इलाके में अचानक इतना पानी कहां से आया?

प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक, ऊपरी पहाड़ी क्षेत्र में भूस्खलन के कारण स्यार नदी या उससे जुड़ी जलधारा का रास्ता Blocked हो गया था। इसके चलते पानी जमा होता रहा। बाद में जब यह रुकावट टूटी, तो पानी मिट्टी, पत्थरों और मलबे के साथ तेजी से नीचे की ओर बहने लगा।

ऐसी स्थिति में नदी का जलस्तर बहुत कम समय में बढ़ सकता है। यही वजह है कि कई बार स्थानीय क्षेत्र में बारिश नहीं होने के बावजूद अचानक बाढ़ आ जाती है।

बाढ़ का पानी गांवों में घुस गया

हांलाकि यह पहली बार नहीं है

गौरतलब है कि 26 अगस्त को नेपाल में आई भीषण बाढ़ में कम से कम 1,455 लोगों की मौत हुई थी, जबकि 5,285 लोग लापता बताए गए थे। पांच अक्टूबर को नेपाल सरकार ने सक्रिय खोज अभियान समाप्त कर पुनर्वास पर ध्यान देने की जानकारी दी थी।

अब नई बाढ़ ने एक बार फिर नेपाल के सामने राहत, बचाव और पुनर्वास की चुनौती खड़ी कर दी है। फिलहाल प्रशासन प्रभावित इलाकों में नुकसान का आकलन कर रहा है और लापता लोगों की तलाश जारी है। ….. यही नहीं कुछ विशेषज्ञों ने चिंता जताई है की नेपाल के गोरखा जिले में बूढ़ी गंडकी नदी में बाढ़ आने से बिहार में भी खतरा बढ़ सकता है। ऐसा इसलिए क्यूंकि यह नदी आगे त्रिशूली से मिलती है, फिर दोनों का पानी देवघाट के पास नारायणी नदी में पहुंचता है। यही नदी भारत में गंडक के नाम से बिहार में आती है और आगे गंगा में मिल जाती है।

बड़ा क्षेत्र प्रभावित हुआ

ऐसे में अगर पानी का बहाव बढ़ता है, तो बिहार में गंडक किनारे बसे इलाकों पर असर पड़ सकता है। इनमें पश्चिम चंपारण, गोपालगंज और वैशाली जैसे जिले शामिल हैं। हालांकि, अभी यह साफ नहीं है कि नेपाल में आई बाढ़ से बिहार में जलस्तर बढ़ेगा या नहीं।
फिलहाल सबसे बड़ी प्राथमिकता लोगों की सुरक्षा और लापता लोगों की तलाश है। प्रशासन ने नदी किनारे रहने वाले लोगों से अपील की है कि पानी का बहाव सामान्य होने तक नदी से दूर रहें। अगर पानी का स्तर तेजी से बढ़ता दिखाई दे, तो तुरंत ऊंचे और सुरक्षित स्थान पर पहुंचें। क्योंकि पहाड़ों में अचानक आने वाली बाढ़ में कुछ ही मिनटों की लापरवाही जानलेवा साबित हो सकती है।

Also Read The Following

रूस से डीजल खरीदेंगे ट्रम्प !

जयपुर का वैक्स म्यूजियम अब नए कलेवर में

5 COMMENTS

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Share post:

Subscribe

ट्रेंडिंग

संबंधित लेख
संबंधित

राष्ट्रीय योजनाओं के क्रियान्वयन में राजस्थान का शानदार प्रदर्शन

12 योजनाओं में देश में प्रथम स्थान  प्रधानमंत्री नरेन्द्र...

जयपुर में आयोजित हुई ‘साइक्लोथॉन फॉर ऑल’

सतत जीवनशैली एवं स्वच्छ पर्यावरण का संदेश ‘साइक्लोथॉन फॉर...

MGUMST में ग्लोबल एआई एंड डिजिटल हेल्थ समिट

चिकित्सा क्षेत्र में टेक्नोलॉजी बढ़ा रही सुविधा जयपुर- आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस...

राष्ट्रीय एकता दिवस पर शुभकामनाएं दी

स्‍पीकर देवनानी ने राष्ट्रीय एकता दिवस पर शुभकामनाएं दी जयपुर...