RSS के मंच से भागवत का बड़ा बयान
भारत में भी बांग्लादेश और फ्रांस जैसे हालात बनाने की कोशिश हो रही है! यह बड़ा दावा किया है RSS प्रमुख मोहन भागवत ने।
महाराष्ट्र के नागपुर स्थित संघ मुख्यालय में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के स्थापना दिवस और विजयादशमी उत्सव के कार्यक्रम को संबोधित करते हुए भागवत ने कहा कि दुनिया में ऐसी शक्तियां हैं, जो भारत को दबाना चाहती हैं। उनका मकसद सत्ता परिवर्तन करके हालात सुधारना नहीं, बल्कि अपने पसंदीदा लोगों को सत्ता में बैठाना है।
दरअसल, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ यानी RSS की स्थापना 1925 में विजयादशमी के दिन हुई थी। इसी परंपरा के तहत हर साल संघ की ओर से नागपुर में विजयादशमी उत्सव आयोजित किया जाता है। इस कार्यक्रम में मोहन भागवत ने शस्त्र पूजन भी किया । अपने संबोधन में भागवत ने आरोप लगाया कि कुछ लोग भारत और हिंदू समाज को बांटना चाहते हैं और उन्हें कुछ नेताओं का समर्थन भी मिलता है।
भारत में सनातन काल से चलती आई परम्परा, जो अनेक आध्यात्मिक महापुरुषों की प्रत्यक्ष अनुभूतियों से निरन्तर स्पष्ट व पुष्ट होती आयी है, वह हमें बताती है कि सृष्टि की विविधता जितनी स्वाभाविक परन्तु परिवर्तनशील है, उतनी ही सम्पूर्ण अस्तित्व की एकता शाश्वत, अटल व अचल सत्य है। – डॉ मोहन भागवत
RSS #Vijayadashami— RSS (@RSSorg) October 20, 2026
उन्होंने कहा कि आंदोलनों का उद्देश्य समस्याओं का समाधान होना चाहिए, न कि समाज में द्वेष और विभाजन पैदा करना। साथ ही उन्होंने देशवासियों से एकता बनाए रखने की अपील की । भागवत ने विकास और पर्यावरण के संतुलन, OTT प्लेटफॉर्म पर नियमों और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी AI के जिम्मेदार इस्तेमाल पर भी जोर दिया ।
इस कार्यक्रम में महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस, केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी और पूर्व उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ समेत कई प्रमुख हस्तियां मौजूद रहीं । अब सवाल यह है कि बांग्लादेश और फ्रांस का उदाहरण देकर मोहन भागवत ने किन परिस्थितियों की ओर इशारा किया? उनके इस बयान पर राजनीतिक गलियारों में क्या प्रतिक्रिया देखने को मिलती है?







